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दुबई के रस-अल-खेमा इकोनॉमी जोन (राकेज़) सरकार के अधिकारी सूरत पहुंचे

  • स्फिर माथुर (राकेज़ के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी) और अभिजीत पंधारे (राकेज़ के अधिकारी) सूरत और गुजरात के अन्य शहरों के व्यापारियों को दुबई में व्यापार करने के लिए लाइसेंस जारी करने के लिए सूरत पहुंचे।
  • ये अधिकारी सूरत में १८ से २० सितंबर तीन दिन रुकेंगे और व्यापारियों के साथ सेमिनार और वन ओन वन बैठक करेंगे।
  • सूरत और गुजरात के अन्य शहरों के ५० से अधिक व्यापारियों को दुबई में व्यापार करने के लिए सूरत से ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
  • व्यापारी किसी भी प्रकार के एजेंट के बिना सीधे रस-अल-खेमा अर्थव्यवस्था क्षेत्र (RAKEZ) सरकार के साथ जुड़ सकते हैं।

सूरत। १८ सितंबर, २०२४ : भारतीय पूरी दुनिया में बिजनेस के लिए जाना जाता है और इसमें गुजरात और सूरत के लोग खासतौर पर देखे जाते हैं। इसलिए, दुबई सरकार ने भी ज्यादातर भारतीय व्यापारी दुबई में व्यापार करने के लिए आये इसी उद्देश से दुबई की रस-अल-खेमा आर्थिक क्षेत्र (राकेज़) ने सूरत के मंत्रा जनरल ट्रेडिंग एलएलसी को अधिकृत रेफरल पार्टनर के रूप में नियुक्त किया है, जिसका उद्देश्य भारतीयों को व्यवसाय करने के लिए दुबई लाना है।

राकेज के अधिकृत रेफरल पार्टनर और मंत्र जनरल ट्रेडिंग एलएलसी के डायरेक्टर और सूरत के एक युवा व्यवसायी विकुंज आम्बलिया ने कहा, हमने सूरत में आयोजित यार्न एक्सपो में राकीज़ का एक स्टॉल लगाया था। जिसमें बड़ी संख्या में व्यपरियोने राकीज स्टॉल की मुलाकात ली थी। लोग इस बारे में अधिक विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, उनकी बात को ध्यान में रखते हुए  हमने अगस्त के महीने में एक मुफ्त सेमिनार का भी आयोजन किया था। जिस में सूरत और गुजरात के २०० से अधिक व्यापारियों ने भाग लिया। इस सेमिनार में व्यापारी किसी भी प्रकार के एजेंट के बिना सीधे रस-अल-खेमा अर्थव्यवस्था क्षेत्र (RAKEZ) सरकार के साथ किस तरह से जुड़ सकते हैं इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई थी।

स्फिर माथुर (राकेज़ के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी) और अभिजीत पंधारे (राकेज़ के अधिकारी) ने कहा,  हम लोग सूरत में १८ से २० सितंबर तक सूरत में रुकेंगे। जिसमे आज शाम ६ बजे गुजरात के व्यापारियों के साथ होटल अमोर में एक सेमिनार भी आयोजित किया है। जिसमे मुस्तफा शेखर (राकेज़ के डायरेक्टर) वेब के माध्यम से लाइव सामिल होगे। इसके बाद १९ और २० सितंबर दो दिन तक दुबई के रस-अल-खेमा इकोनॉमिक जोन (राकेज) में बिजनेस करना चाहते हैं ऐसे ५० से अधिक व्यापारियो के साथ  वन-टू-वन मीटिंग करेंगे और उन व्यापारियो को सूरत से ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे। व्यापारी किसी भी प्रकार के एजेंट के बिना सीधे राकेज़ सरकार से जुड़ सकेंगे। राकेज सरकार की ओर से व्यापारियों को को-वर्किंग स्पेस, वेयरहाउस, ऑफिस, जमीन, सिक्योरिटी आदि सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। ये सुविधाएं राकेज सरकार द्वारा तय किए गए १० तरह के पैकेजों के आधार पर तय की जाएंगी।

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