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साउदर्न पेरिफेरल रोड पर 3 वर्षों में 125% तक उछले प्रॉपर्टी रेट, इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट से बढ़ी मांग

गुरुग्राम: दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट मानचित्र पर इन दिनों अगर किसी कॉरिडोर की सबसे ज्यादा चर्चा है तो वह है गुरुग्राम का एसपीआर। कभी उभरता हुआ क्षेत्र माना जाने वाला यह इलाका अब निवेशकों और घर खरीदारों दोनों के लिए एक स्थापित और भरोसेमंद ठिकाना बन चुका है। पिछले तीन वर्षों में यहां संपत्ति की कीमतों में करीब 125 प्रतिशत की वृद्धि ने बाजार को चौंकाया भी है और आकर्षित भी किया है।

रियल एस्टेट पोर्टल मैजिक ब्रिक्स के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2022 से दिसंबर 2025 के बीच एसपीआर पर औसत दरें लगभग ढाई गुना तक बढ़ी हैं। वर्तमान में यहां कीमतें ₹17,000 प्रति वर्ग फुट के पार पहुंच चुकी हैं। यह उछाल मजबूत एंड-यूजर डिमांड और लगातार हो रहे रेजिडेंशियल एब्जॉर्प्शन का संकेत माना जा रहा है।

कनेक्टिविटी ने बदली तस्वीर

करीब 16 किलोमीटर लंबा एसपीआर गुरुग्राम–फरीदाबाद रोड को एनएच-48 से जोड़ता है। गोल्फ कोर्स रोड और सोहना रोड को बादशाहपुर चौक के माध्यम से जोड़ने वाला यह कॉरिडोर शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभा रहा है। सेक्टर 69 से लेकर 80 तक फैला यह इलाका अब योजनाबद्ध आवासीय विकास की नई धुरी बन चुका है।

मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि एसपीआर की असली ताकत इसकी लोकेशन और भविष्य की कनेक्टिविटी योजनाएं हैं, जो इसे गुरुग्राम के अन्य माइक्रो-मार्केट्स के मुकाबले अलग पहचान देती हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से बढ़ा भरोसा

जीएमआरएल द्वारा प्रस्तावित सेक्टर 56–पचगांव 36 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला माना जा रहा है। इसमें 28 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। घाटा चौक से वाटिका चौक के बीच प्रस्तावित डबल-डेकर वायाडक्ट—जहां एक ही पिलर पर मेट्रो लाइन और एलिवेटेड रोड बनेगी, शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹8,500 करोड़ बताई गई है।

इसी तरह जीएमडीए द्वारा स्वीकृत वाटिका चौक क्लोवरलीफ और 5.3 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड स्ट्रेच, जो सेक्टर 58 से 115 तक कनेक्टिविटी देगा, एसपीआर को दिल्ली, सोहना और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से निर्बाध रूप से जोड़ने की दिशा में अहम पहल है। करीब ₹750 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना क्षेत्र की रियल एस्टेट क्षमता को और मजबूती दे सकती है।

नामी डेवलपर्स की मौजूदगी

एसपीआर पर डीएलएफ, सिग्नेचर ग्लोबल और एलांते ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित डेवलपर्स सक्रिय हैं। यही कारण है कि यह इलाका निवेश का केंद्र होने के साथ ही, एक संगठित और दीर्घकालिक आवासीय इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो रहा है।

सिग्नेचर ग्लोबल के पास एसपीआर पर लगभग 93 एकड़ का लैंड बैंक है, जहां करीब 18.5 मिलियन वर्ग फुट का विकास प्रस्तावित है। कंपनी यहां ‘टाइटेनियम एसपीआर’ और ‘क्लोवरडेल एसपीआर’ जैसे प्रीमियम प्रोजेक्ट्स विकसित कर रही है। 14 एकड़ में फैला ‘टाइटेनियम एसपीआर’ सिंगापुर शैली की वास्तुकला से प्रेरित है, जबकि 8 एकड़ में विकसित ‘क्लोवरडेल एसपीआर’ में 35 मंजिला टावर और विशाल बालकनियों के साथ प्रकृति-आधारित डिजाइन पर जोर दिया गया है।

क्या कहते हैं उद्योग जगत के प्रतिनिधि

प्रदीप अग्रवाल, फाउंडर एवं चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड ने कहा, “साउदर्न पेरिफेरल रोड गुरुग्राम के सबसे अधिक मांग वाले आवासीय माइक्रो-मार्केट्स में से एक बनकर उभरा है, खासकर समझदार घर खरीदारों के बीच। पिछले कुछ वर्षों में संपत्ति कीमतों का लगभग दोगुना हो जाना इस बात का संकेत है कि एंड-यूजर और दीर्घकालिक निवेशकों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। यह गति स्थिर आवासीय बिक्री, बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नयन और प्रतिष्ठित डेवलपर्स द्वारा योजनाबद्ध कम्युनिटीज के विकास से प्रेरित है, जो एसपीआर को संरचनात्मक रूप से मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में स्थापित कर रहा है।”

वहीं आकाश कोहली, फाउंडर, एलांते ग्रुप ने कहा, “आज गुरुग्राम इंफ्रास्ट्रक्चर की गति और आकांक्षी विकास के संगम पर खड़ा है। द्वारका एक्सप्रेसवे, सीपीआर और एसपीआर जैसे माइक्रो-मार्केट अब केवल उभरते कॉरिडोर नहीं रहे, बल्कि एकीकृत शहरी इकोसिस्टम में बदल रहे हैं। एलांते ग्रुप में हम आवासीय और व्यावसायिक, दोनों क्षेत्रों में समान अवसर देखते हैं। जहां घर खरीदार सुव्यवस्थित और भविष्य-उन्मुख कम्युनिटीज की तलाश में हैं, वहीं व्यवसाय ऐसे रणनीतिक कमर्शियल स्पेस चाहते हैं जो बेहतर कनेक्टिविटी, विजिबिलिटी और दीर्घकालिक मूल्य सुनिश्चित करें।

विशेष रूप से सदर्न पेरिफेरल रोड एक संरचनात्मक रूप से मजबूत कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, सहज कनेक्टिविटी और बढ़ते एंड-यूजर भरोसे का समर्थन प्राप्त है।

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